भगवान शंकराचार्य जी की जयंती पर शुभकामनाएं। अद्वैत वेदांत के प्रतिष्ठापक भगवान जगद्गुरू शंकराचार्य न केवल हिन्दू धर्म को समृद्ध किया बल्कि समाज के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। उनका जीवन शुद्धि, बुद्धि और सिद्धि का संगम है। । ज्ञान, भक्ती और कर्म की अद्भुत त्रिवेणी है आदिगुरु शंकराचार्य जी का जीवन। शंकराचार्य जी की जयंती पर उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा लें और उनके संदेशों को अपनाकर जीवन में सफलता और शांति प्राप्त करें। On this auspicious occasion of Shankaracharya Jayanti, let us all take inspiration from...
पूज्य स्वामी जी ने किया आह्वान ‘‘आईये इस धरा को स्वच्छ, हरित, प्रदूषण मुक्त और निर्मल बनाने के लिये सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करें, पर्व, त्यौहार और आनन्द के अवसर पर पौधों का रोपण कर अपनी धरा को हरित बनाने का संकल्प लें।’’ Every evening Pujya Swamiji leads a beautiful pledge for a Clean, Green and Serene India in the #GangaAarti ceremony, encouraging the plantation of trees, end of single-use plastic, save water and protection of our sacred rivers. We invite you to listen in, and join us!...
ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु।। ग्रहों में प्रथम विश्व की रक्षा करने वाले भगवान सूर्य, अमृतमय स्वरूप वाले चंद्रदेव, जगत् की वृष्टि का हरण करने वाले मंगल, महान द्युति से संपन्न, चन्द्रमा के पुत्र बुध, देवताओं के गुरू बृहस्पति, दैत्यों के गुरू महान् बुद्धि संपन्न शुक्र, भगवान् शिव के प्रिय प्रसन्नात्मा शनि देव, तमोमय राहु, और बिना शरीर वाले केतु समस्त लोकों की पीड़ा का निवारण करें । The gods Brahma, Murari and Tripurantkari (the one who destroyed the...
पूज्य स्वामीजी ने दिया संदेश ‘‘ऑनलाइन होने के साथ एलाइन होना भी जरूरी हैं’’। साधना सबसे श्रेष्ठ माध्यम है मन और मस्तिष्क को एलाइन करने का; साधना आत्मोन्नति का साधन है। साधना के माध्यम से श्रेष्ठ कर्मो का निर्माण होता है और श्रेष्ठ कर्मों से स्वस्थ और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। Pujya Swamiji gives profound wisdom for navigating our modern world, sharing that along with being online, it is also important to be aligned. It is through sadhana, (spiritual practice) that we can best align mind and brain -...
पूज्य स्वामी जी कहते है कि हमे ये स्वयं निश्चय करना है की हमें क्या चाहिए क्योंकि जो भी हम करते हैं वही वापस लौट के आता है इसलिए अच्छा सोचिए, अच्छा बोलिए और अच्छे कार्य कीजिए। पूज्य स्वामीजी कहते है कि अपने अहम को उस परमात्मा में मिला देना और अपना सर्वस्व उसको समर्पित करना ही आध्यात्म है और यही जीवन है। पूज्य स्वामीजी कहते है कि हमें आने वाले समय को सुरक्षित रखने के लिए अपने पेड़ों को बचाना है, जल को बचाना है, सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद...
Integrating lessons about hygiene into school curriculum has a transformative effect. This is also true of Gurukuls that specialise in Vedic studies. NDTV-Dettol Banega Swasth India team visited Parmarth Niketan, a Gurukul that gives Vedic and Yogic education to children from underprivileged backgrounds. Hygiene curriculum as part of the Dettol School Hygiene Education Programme has been translated into Sanskrit to integrate better with daily studies of students at Gurukul....
Pujya Swamiji reminds us the importance of health and environment. He connects protecting our environment with health and wellness. As Pujya Swamiji so beautifully says, "when we turn the 'I' into 'We,' we turn 'illness' into 'wellness.'" Together, we will overcome the challenges and heal ourselves and the planet....
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आज हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनायें देते हुये कहा कि भगवान श्री राम भारत की आत्मा हैं तो हनुमान जी भारत की विरासत हैं। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन में प्रातःकाल योगाभ्यास से आज के दिन की शुरूआत हुई। उसके पश्चात विश्व शान्ति हवन, ध्यान, हनुमान चालीसा, सुन्दर कांड का पाठ, दिव्य गंगा आरती और फिर सत्संग में सहभाग कर सभी श्रद्धालु आनन्दित हुये। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि महाबली...
राम काज कीन्हें बिना, मोहि कहाँ विश्राम।’ जब तक राम काज; सेवा कार्य पूर्ण न हो विश्राम कहाँ, सुख कहाँ, चैन कहाँ। प्रभु हम सभी को भी हनुमान जी जैसी उदारता, प्रभु भक्ति, अटूट सेवाभाव और समर्पण भाव प्रदान करें ताकि हम भी समाज और समष्टि की सेवा में अपने को समर्पित कर सके यही है हम सभी के लिये हनुमान जी का संदेश और इसी भाव से ही हम सभी के हृदयों में हनुमान जी का अवतरण हो। जय हनुमान।...