Environment & Living Green Tag
ऋषिकेश, 18 फरवरी। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने महाशिवरात्रि की शुभकामनायें देते हुये कहा कि फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है ‘‘माघकृष्ण चतुर्दश्यामादिदेवो महानिशि। ॥ शिवलिंगतयोद्रूतः कोटिसूर्यसमप्रभ’’॥ क्योंकि इसी दिन भगवान शिव और पार्वती जी का विवाह हुआ था। ईशान संहिता के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का तेजोमय दिव्य ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रादुर्भाव हुआ था इसलिये भी महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। महाशिवरात्रि भक्ति एवं मुक्ति दोनों ही देने वाली है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती...
ऋषिकेश, 3 फरवरी। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने वन संरक्षण सप्ताह के अवसर पर पौधा रोपण का संदेश देते हुये कहा कि वन है तो जीवन है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि उत्तराखंड, वन और जल संपदा से युक्त प्रदेश है। वनों को सबसे अधिक खतरा वनाग्नि से होता है। वनाग्नि, मानव, प्रकृति तथा वन्य जीव जंतुओं सभी के लिये खतरा है। जंगलों की आग के कारण न केवल जीवों का बल्कि मानव का जीवन भी प्रभावित होता है।
अप्रैल-मई में अक्सर देश के विभिन्न हिस्सों...
वल्र्ड वेटलैंड दिवस के अवसर पर पूज्य स्वामीजी ने कहा कि मां गंगा एवं अपने आस-पास की झीलों, नदियों, तलाबों और जलस्रोतों के संरक्षण का संकल्प ले क्योंकि ‘‘जल है तो जीवन है! जल है तो कल है’’
पूज्य स्वामी जी ने दिया संदेश आईये ‘जल क्रान्ति को जन क्रान्ति बनाये! जल आन्दोलन को जन आन्दोलन बनाये’।
On the occasion of World Wetlands Day, Pujya Swamiji said to take a pledge to protect Mother Ganga and the lakes, rivers, ponds and water bodies around us because “If there is water, there is...
‘‘हमारी पृथ्वी जैव-विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध ग्रह है।’’ सभी प्राणियों और प्रजातियों को पृथ्वी पर रहने का समान अधिकार प्राप्त है परन्तु वर्तमान समय में हमने अपने विकास के लिये दूसरे प्राणियों का जीवन मुश्किल में डाल दिया हैं वास्तव में पृथ्वी, पर्यावरण, हमारा जीवन और विकास सब एक-दूसरे से जुड़े हुये हैं इसलिये जैव-विविधता का सरंक्षण जरूरी है, तभी हमारा जीवन भी सुरक्षित रह सकता है। स्वस्थ जीवन और स्वस्थ ग्रह के लिए आर्द्रभूमि और जल स्रोतों का महत्वपूर्ण योगदान हैं। आईये आज वल्र्ड वेटलैंड दिवस के...
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर कहा कि भारत पर्यटन की नहीं बल्कि तीर्थाटन की भूमि है। उत्तराखंड में तो आध्यात्मिकता और नैसर्गिक सौन्दर्य, स्पिरिचुअल लैण्ड और स्विट्जरलैण्ड का अद्भुत संमग है। उत्तराखंड प्राकृतिक सौन्दर्य, योग, ध्यान, आध्यात्मिकता के साथ शान्ति प्रदान करने वाली भूमि है उत्तराखंड आईये तीर्थाटन की भावना से।
आज राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर संकल्प लें कि हम सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे और भारतीय संस्कृति की गरिमा को बनाये रखने हेतु योगदान प्रदान करेंगे।
On the...
भारत में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हर क्षेत्र अपनी विशिष्टता, विविधता और अद्भुत संस्कृति के लिये विख्यात है। भारत का रेगिस्तान हो या सदानीरा नदियाँ, हिमालय हो या फिर ग्लेशियर सभी मन को शान्ति देते है। भारत की नदियों और पर्वत श्रृंखला ने जनमानस को न केवल अपनी ओर आकर्षित किया है बल्कि संबल भी प्रदान किया है। माँ गंगा और हिमालय ने भारत को एक उत्कृष्टता प्रदान की है। हमारे पास अनेक मनमोहक सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता से युक्त ऐतिहासिक विरासतें हंै जिसे सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है।
आईये...
Join us on the holy banks of Mother Ganga as Interfaith, Civic and Social Leaders from across India and around the world gather on the Holy Banks of Mother Ganga to celebrate International Human Solidarity Day by initiating the Mission LiFE programme to jumpstart national and global efforts to combat climate change and achieve sustainability through Solidarity – through Unity of purpose in support of a common goal.
परमार्थ निकेतन में ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस और यूनिसेफ, इन्डिया की संयुक्त साझेदारी में अन्तर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस के अवसर पर सस्टेनेबिलिटी समिट...
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य ने विश्व शान्ति और पर्यावरण संरक्षण हेतु परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने हवन कर विश्व शान्ति की प्रार्थना की।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में पर्यावरण एक अहम विषय है। ग्लोबल वार्मिग, ग्रीनहाउस गैसों का प्रभाव, जैव विविधता संकट तथा प्रदूषण को नियंत्रित करना वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक हैं।
स्वामी जी ने कहा कि पर्यावरणीय संरक्षण के लिये वैश्विक स्तर कार्य कर रही संस्थायें और धार्मिक संगठनों की महत्वपूर्ण हैं क्योंकि विश्व...
"Whatever happens in the environment," HH Param Pujya Swami Chidanand Saraswatiji, the President of Parmarth Niketan, said on the occasion of National Energy Conservation Day, "affects every person and every house, so it is necessary that our lifestyle should be environmentally friendly. In order to achieve the goal of low energy use, we have to develop a framework for traditional sources of energy as well as traditional forms of lifestyle, living and construction of buildings."
National Energy Conservation Day is a day set aside to highlight those things that everyone can...
राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस
सस्टेनेबल एनर्जी फॉर आल
सतत, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य के निर्माण हेतु पौधारोपण जरूरी
हमारी जीवनशैली वातावरण अनुकूल हो
स्वामी चिदानन्द सरस्वती
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर कहा कि वातावरण में जो कुछ भी होता है उसका प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति और हर घर पर होता है इसलिये जरूरी है कि हमारी जीवनशैली वातावरण अनुकूल हो। हमें कम ऊर्जा उपयोग के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु ऊर्जा के पारंपरिक संसाधनों के साथ ही जीवनशैली, रहन-सहन और इमारतों का निर्माण भी पारम्परिक...